Day: ਅਪ੍ਰੈਲ 1, 2021

ਆਰਥਿਕ ਟੀਚੇ ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਤੋਂ ਮੁਨਕਰ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਦੇ

ਫੈਸਰ ਅਤੇ ਲੇਖਕ ਆਨੰਦ ਤੇਲਤੁੰਬੜੇ ਇਸ ਸਮੇਂ ਗੈਰਕਾਨੂੰਨੀ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ (ਰੋਕਥਾਮ) ਐਕਟ ਦੇ ਅਧੀਨ ਮਹਾਰਾਸ਼ਟਰ ਵਿੱਚ ਤਲੋਜਾ ਜੇਲ੍ਹ ਵਿੱਚ ਬੰਦ ਹਨ। ਉਹ ਭੀਮ ਕੋਰੇਗਾਓਂ ਕੇਸ ਦੀ ਸੁਣਵਾਈ ਦਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ।

ਜਨਤਕ ਖੇਤਰਾਂ ਜਾਂ ਪੀਐਸਈਜ਼ ਦਾ ਨਿੱਜੀਕਰਨ ਕਰਨ ਲਈ ਨਰਿੰਦਰ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ‘ਤੇ ਚੱਲ ਰਹੀ ਬਹਿਸ ਕੋਈ ਨਵੀਂ ਨਹੀਂ ਹੈ।

Read More »

घर में ठण्डे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है

घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है।

बताओ कैसे लिख दूँ धूप फाल्गुन की नशीली है।।

भटकती है हमारे गाँव में गूँगी भिखारन-सी।

सुबह से फरवरी बीमार पत्नी से भी पीली है।।

Read More »

हर मोर्चे के हालात, ज़रूरतें और व्यवस्था अलग-अलग है!

आंदोलन के संदर्भ में अधिकतर शाहजहांपुर मोर्चे का नाम भुला सा दिया जाता है, मैं इसे एक परित्यक्त बच्चे की उपमा देता है। इस लेख में अपने हेमकुंट फ़ाउंडेशन के साथ एक सेवादार होने के इस मोर्चे पर हुए अपने अनुभव लिख रहा हूँ। यह मोर्चा बाक़ी मोर्चों के बनिस्पत छोटा है

Read More »

भगत सिंह-सुखदेव-राजगुरु और पाश के रास्ते पर युवा

किसी भी आंदोलन को खड़ा करने के साथ साथ आन्दोलन को जीवित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। दिल्ली की सीमाओं पर भले ही इसे 112 दिन हुए है पर पंजाब में 9 महीने से ज्यादा हो गए है। इस आंदोलन की एक बड़ी ताकत यह है कि युवा पीढ़ी ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।

Read More »

संसद और किसान

अध्यक्ष ने कहा – “सदन ये जानना चाहता है कि इन बर्बाद किसानों की समस्या को शासन कैसे हल करेगा?”

मंत्री ने वक्तव्य दिया – “अध्यक्ष महोदय! ऐसी समस्याओं को हल करने का यही एकमात्र और अचूक तरीका हमारे पास है।

Read More »

बिहार के पटना में भी हुई किसान-मजदूर महापंचायत

बिहार की राजधानी पटना में 18 मार्च 2021 को गेट पब्लिक लाइब्रेरी के मैदान में हजारों की गिनती में राज्य के कोने कोने से किसान मजदूर इक्ट्ठा हुए। उन्होंने दिल्ली की सरहदों पर चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए

Read More »

गाजीपुर में गर्मी की तैयारी

100 से अधिक दिन और उनके पीछे 300 मौतें, किसान की धैर्य, दृढ़ संकल्प और संकल्प से अचंभित हैं। फसल कटाई का मौसम चल रहा है और किसान सावधानी के साथ फसल कटाई की योजना बना रहे हैं। गाजीपुर मोर्चा में प्रबंधन समिति ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों के प्रत्येक गाँव की भागीदारी के लिए एक रोस्टर बनाया है।

Read More »

किसान मोर्चा मीटिंग में छात्र का अनुभव

छात्र कई बार इस गलतफहमी में रहते है की विचारधारा, आधार और राजनीतिक ताकत के रूप में सिर्फ छात्र राजनीति में ही बाक़ी रही है। जमीनी राजनीति से अनवरत निराशा का भाव पर तो सवाल उठता है जब जन आंदोलनों की समितियों की मीटिंग में क्रांतिकारी बदलावों पर हो रही चर्चाओं को आप सुनते है।

Read More »

आंदोलन की अहमियत पढ़ाई-काम से बहुत बड़ी है!

दोपहर के सूरज का सफेद प्रकाश उसके चश्मे के पीछे उसकी आंखों को छुपा रहा था। मैंने उससे एक फोटोग्राफर के रूप में पूछा यदि वह कैमरे के लिए चश्मा हटाना पसंद करेगी। उन्नीस वर्षीय कमल मुस्कुराती हुई अनिच्छा से कहती है “वो तो मेरी पहचान है ना”।

Read More »
pa_INPanjabi