बिरसा मुंडा द्वारा आदिवासी किसानों की सशक्त लड़ाई
पूर्व-औपनिवेशिक भारत में मुगल शासकों और उनके अधिकारियों के खिलाफ लोकप्रिय विरोध असामान्य नहीं था। सत्रहवीं और अठारहवीं शताब्दी में शासक वर्ग के खिलाफ कई किसान विद्रोह हुए। सत्ता द्वारा एक उच्च भूमि राजस्व मांग का आरोपण: