हरियाणवी गीत

जसमिंदर टिंकू

लिकड़ पड़ै हां घर तै कुछ लेकै जावांगे

न्यूए लड़दे रहियो साथी हम जीत कै जावांगे

ना माना दाब किसे की ना पाछै कदम हटांवां

इका मूंह ऊपर नै होर्या दिल्ली कै नाथ लगावां

हम उधम सिंह के वारिस ना मरणे तै घबरावां

जो होया नहीं कदे भी वो करकै जावांगे

न्यूए लड़दे रहियो साथी हम जीत कै जावांगे

कानून भी रद्द कराणे msp लेकै जाणा

शेरां की जूं लड़ना और पूरा जोर लगाणा

गुरू गोबिंद कहगै थे चिड़िया तै बाज लड़ाणा

जो हांडै जा जहाजां मैं उन्नै नीचै ल्यावांगे

न्यूए लड़दे रहियो साथी हम जीत कै जावांगे

हम सुणना चाह्वैं म्हारी वैं मन की बात सुणावै

हम बात करां हकां की वो हिन्दू मुस्लिम गावै

एक बिन पैंदी का लोटा खुद नै देवीलाल बतावै

यें झूठे तीन जहां के इन्नै सबक सिखावांगे

न्यूए लड़दे रहियो साथी हम जीत कै जावांगे

जो डटे रहैं सैं रण मैं वैं  सफल होया करते हैं

जो हक की खातिर मरज्यां वो अमर रहा करते हैं

जो जुल्म कै आगै अड़ज्या वो जंग लड़ा करते हैं

या जीतैं या फेर मरज्यां नू इतिहास बणावैंगे

न्यूए लड़दे रहियो साथी हम जीत कै जावांगे

थाम ठाडे रहियो साथी…….

थाम तगड़े रहियो साथी……..