मोरचे में सेवा
रोज़ की तरह आज भी मोरचे में सेवा करते कुछ बुजुर्गों ने पुकार कर बिठा लिया “बेटी दूध पीती जा, दूध नहीं पीना तो गुड तो खा ले। इसी बीच बातों का सिलसिला शुरू हो गया। सरकार के साथ मीटिंग तो गोल रही और आगे की मीटिंग के रास्ते भी बंद हो गए तो मैंने पूछा बाबा आगे क्या होगा।
