भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की शहादत और किसान आंदोलन
23 मार्च, एक ऐतिहासिक दिन जब ब्रिटिश कंपनी राज के खिलाफ चल रहे आज़ादी आंदोलन को क्रांतिकारी दिशा देने वाले भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव तीन ऊर्जावान क्रांतिकारी आवाज़ों को फांसी के द्वारा खामोश करने की कोशिश हुई थी। लेकिन उस दौर में भी भगत सिंह ने जो क्रांतिकारी दिशा पूरे आजादी आंदोलन को दी उसको ब्रिटिश राज खामोश करने में असफल हुआ और भारत से उसे जाना पड़ा था।