शाहजहांपुर में मेरा अनुभव
शा19 दिसंबर, वो दिन जब मैं शाहजहांपुर बॉर्डर पर आया। मैं कभी किसी संगठन से नही जुड़ा, और न ही किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थक रहा हूँ। आंदोलन में आने का कारण किसानों के साथ खड़े होना, और आंदोलन को समझना था। कि किस प्रकार से इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है।