Category: Edition 16

हरित क्रांति ने किस तरह कुपोषण को बढ़ावा दिया?

हरित क्रांति के दौर में (1960s , 70s 80s ) सारी सरकारी मदद किसानों को सिर्फ गेहूं और धान उगाने के लिए मिली। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उस नीति का ज़ोर था खाद्य सुरक्षा, जिसको अनाज के रूप में ही समझा गया। और अनाज में गेहूं और धान को सबसे महत्वपूर्ण माना गया।

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होली के रंग, किसानों के संग

हजारों किसानों के लिए, गाजीपुर मोर्चा अब घर से दूर एक घर है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के किसान यहां एक बड़े परिवार की तरह रह रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की सीमा पर एक साथ संघर्ष किया है और त्योहारों को भी एक परिवार के रूप में मना रहे हैं।

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मोर्चों से परे किसान अांदोलन का असर

किसानों द्वारा भाजपा व उसके सहयोगी दलों के नेताओं का शांतिपूर्वक सामाजिक बहिष्कार देश के अलग अलग राज्यों में जारी है। पहली अप्रैल को हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का हिसार पहुंचने पर किसानों द्वारा जमकर विरोध किया गया। किसानों ने किसान विरोधी दुष्यंत चौटाला का हवाई जहाज हिसार में उतरने नहीं दिया। 

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किसान जन-आन्दोलन में बढ़ता आक्रोश

मुल्क के किसान पिछले चार महीने से जनविरोधी तीन खेती कानूनों को रद्द करवाने के लिए बड़े ही व्यवस्थित व अनुशासनिक तरीके से दिल्ली की सरहदों पर बैठे है। लेकिन इसके विपरीत भारत की फासीवादी सत्ता किसानों को सुनने की बजाए पहले दिन से किसानों के खिलाफ झुठा प्रचार कर रही है।

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