हर मोर्चे के हालात, ज़रूरतें और व्यवस्था अलग-अलग है!
आंदोलन के संदर्भ में अधिकतर शाहजहांपुर मोर्चे का नाम भुला सा दिया जाता है, मैं इसे एक परित्यक्त बच्चे की उपमा देता है। इस लेख में अपने हेमकुंट फ़ाउंडेशन के साथ एक सेवादार होने के इस मोर्चे पर हुए अपने अनुभव लिख रहा हूँ। यह मोर्चा बाक़ी मोर्चों के बनिस्पत छोटा है