अभी तो लड़ना है

अभी तो लड़ना है तब तक

जब तक मायूस रहेंगे फूल

तितलियों को नहीं मिलेगा हक़

जब तक अपनी जड़ों में नहीं लौटेंगे पेड़

 

अभी तो लड़ना है तब तक

जब तक हलों को रोकती रहेंगी लाठियाँ

भूखा रहेगा हथौड़े का पेट

जब तक सीमाओं पर बहाल नहीं होगी शान्ति

 

अभी तो लड़ना है तब तक

जब तक आत्महत्या करती रहेगी शिक्षा

जेबों में सोता रहेगा रीतापन

जब तक आदमी को पीटता रहेगा वक़्त

 

अभी तो लड़ना है तब तक।