Author: Nisha Dagar

स्मृति दिवस विशेष- विजय सिंह ‘पथिक’: वह क्रांतिकारी पत्रकार, जिनके किसान आंदोलन के आगे झुक गये थे अंग्रेज़!

“यश वैभव सुख की चाह नहीं, परवाह नहीं जीवन न रहे; यदि इच्छा है तो यह है- जग में स्वेच्छाचार दमन न रहे।”– विजय सिंह ‘पथिक’

देश की आज़ादी के संघर्ष को जन-जन तक पहुँचाकर इसे जन-आंदोलन में बदलने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं ने निभाई।

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