Author: Adnan Kafil Dervish

अन्तिम फैसला

हमारी मेहनत 

हमारे गहने हैं,

हम अपना श्रम बेचते हैं,

अपनी आत्मा नहीं,

और तुम क्या लगा पाओगे हमारी क़ीमत?

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