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गुजरात से ग़ाज़ीपुर मोर्चे को चरखे की सौग़ात

देव देसाई


किसान आंदोलन के गाजीपुर मोर्चे पर गुजरात से गांधी जी का चरखा ले कर आए किसान और नौजवान भाईयों ने राकेश टिकैत के साथ चरखा चलाया। उनका उद्देश्य यह संदेश देना था कि गांधी ने जिस तरीके से आजादी की लड़ाई में चरखे का इस्तेमाल आम लोगों को जोड़ने और भारत को सही में आत्मनिर्भर करने के लिए किया वैसे ही आज किसानों को भी करना होगा। २०२० में लाए गए 3 कृषि कानूनों, जो किसानों, कृषि मजदूरों और भारत की आम जनता के खिलाफ हैं, को वापस लिया जाए और इसके लिए देश भर में किसान, मजदूर, पशुपालक, दलित, आदिवासी सब को एक होकर लड़ाई लड़नी होगी। इसी संदेश के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर टिकैत जी के साथ गुजरात से आए देव देसाई, अनीश उत्पल, कांत गुजरात विद्यापीठ के पी.एच.डी स्टूडेंट, नाज़नीन शेख, मुख्तार शेख और अनहद संस्था के 15 साथियों ने चरखा चलाकर किसान आंदोलन को समर्थन दिया है और गुजरात के किसानों की तरफ से टिकैत जी को गुजरात आने का न्योता दिया।

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